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Moon and it’s night

(The English version of this Hindi poem is available right below it) यह रात का चाँद नहीं, इस चाँद की यह रात है । इस बेरंगे चाँद के रंग को हर जगह चमकाती यह रात है । वो चाँद चला जाता है, यह रुक कर करती उसका इंतज़ार है । यह रात का चाँद नहीं,… Continue reading Moon and it’s night

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El problemo

(English translation of this hindi poem is written right after) उलझी रह गई उलझनों में, सुलझाने चली उलझनों को, सुलझाना क्या चाहा उलझनों को, और उलझती चली मैं उलझनों में। बारिश हुई बिन बादल के कोहरा छाया घना घना, एक उलझन सुलझाने को मेरा मन भी बना बना। उलझन सुलझी सूरज आया, फिर बाक़ी उलझनों… Continue reading El problemo