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Moon and it’s night

(The English version of this Hindi poem is available right below it) यह रात का चाँद नहीं, इस चाँद की यह रात है । इस बेरंगे चाँद के रंग को हर जगह चमकाती यह रात है । वो चाँद चला जाता है, यह रुक कर करती उसका इंतज़ार है । यह रात का चाँद नहीं,… Continue reading Moon and it’s night