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I desire..

(English translation of this Hindi poem is available right below it) हर रिश्ते में रहते हुए हर रिश्ते से रिहाई चाहिए, जहाँ मैं खुद से मिल सकूँ वो मुकाम चाहिए | नूर खुद का खुद के लिए चाहिए, आँसू भी खुद के खुद पर ही चाहिए| न अब इस दिल को कोई करीबी न कोई… Continue reading I desire..